भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑफस्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। भारतीय क्रिकेट टीम ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में हिस्सा ले रही है। सीरीज के तीन टेस्ट मैच खेले जा चुके हैं और अश्विन ने तीसरे टेस्ट के बाद ही इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया और स्वदेश लौट गए। ब्रिसबेन में सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच खेला गया था, मैच के आखिरी दिन यानी कि 18 दिसंबर को अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया। अश्विन ने रिटायरमेंट के दो दिन बाद अपने भारतीय क्रिकेटर के तौर पर आखिरी दिन का कॉल-लॉग का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किया है। अश्विन को उनके पिता के अलावा सचिन तेंदुलकर और कपिल देव जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने कॉल किया था।
कपिल देव ने तो अश्विन के संन्यास के बाद यहां तक कहा कि टीम इंडिया को उन्हें रिटायरमेंट से रोकना चाहिए था और ऐसे ही इतने बड़ खिलाड़ी को संन्यास नहीं लेने देना चाहिए था। आर अश्विन 38 साल के हैं। अश्विन हालांकि क्लब क्रिकेट और डोमेस्टिक क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे, लेकिन वह भारत के लिए अब खेलते हुए नजर नहीं आएंगे। अश्विन ने सोशल मीडिया पर कॉल लॉग शेयर करते हुए लिखा, ‘अगर किसी ने 25 साल पहले मुझसे कहा होता कि मेरे पास स्मार्ट फोन होगा और इंडियन क्रिकेटर के तौर पर मेरे आखिरी दिन का कॉल लॉग ऐसा दिखेगा, तो मुझे उसी समय हार्ट-अटैक आ गया होता। सचिन तेंदुलकर और कपिल देव पाजी थैंक यू।’
आर अश्विन के संन्यास को लेकर उनके पिता ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह और कितना अपमान सहते इसलिए उन्होंने संन्यास ले लिया, वहीं अश्विन ने कहा कि उनके पिता मीडिया ट्रेन्ड नहीं हैं। अश्विन टीम इंडिया के लिए बॉलिंग ऑलराउंडर के तौर पर 106 टेस्ट, 116 वनडे और 65 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं। उन्होंने इस दौरान तीनों फॉर्मेट में क्रम से 547, 156 और 72 विकेट चटकाए हैं, जबकि 3503, 707, 184 रन बनाए हैं। टेस्ट में अश्विन 6 शतक और 14 अर्धशतक लगा चुके हैं। वनडे में उनके नाम एक पचासा दर्ज है।